यह क्या है

पेशाब का लीक होना यानी बिना चाहे पेशाब निकल जाना। तीन में से लगभग एक महिला को कभी न कभी यह होता है। ज्यादातर चुप रहती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है यह उम्र या बच्चे होने का हिस्सा है। ऐसा नहीं है। अच्छे इलाज मौजूद हैं, और जल्दी शुरू करने पर वे बेहतर काम करते हैं।

चार प्रकार

आपको कौन सा लगता है?
  • खाँसने पर — खाँसने, छींकने, हँसने, वजन उठाने या कसरत पर निकल जाता है। पेल्विक फ्लोर कमजोर हो गया है।
  • तेज हाजत पर — अचानक ऐसी हाजत जो रोकी न जाए, और रास्ते में ही निकल जाए। यह ओवरएक्टिव ब्लैडर का हिस्सा है।
  • दोनों साथ — बड़ी उम्र की महिलाओं में सबसे आम।
  • ओवरफ्लो — मूत्राशय कभी पूरा खाली नहीं होता, इसलिए लगातार टपकता रहता है। महिलाओं में कम।

क्यों होता है

कई चीजें पेशाब रोकने वाली मांसपेशियों को कमजोर करती हैं।

  • गर्भावस्था और प्रसव, खासकर लंबा या औजार से हुआ प्रसव
  • रजोनिवृत्ति, जिससे पेशाब नली के आसपास के ऊतक पतले हो जाते हैं
  • ज्यादा वजन, जो मूत्राशय पर दबाव डालता है
  • पुरानी खाँसी, धूम्रपान या दमे से
  • पहले हुआ पेल्विस का ऑपरेशन
  • नसों की बीमारियाँ, जैसे लकवा या पार्किंसन

जाँच कैसे होती है

जाँच आमतौर पर ब्लैडर डायरी से शुरू होती है। आप लिखते हैं कि क्या पिया, कब पेशाब किया, और कब लीक हुआ। फिर यूरिन जाँच, और अल्ट्रासाउंड से यह देखना कि पेशाब के बाद कितना बचा। कुछ लोगों को दबाव की जाँच या दूरबीन की जरूरत होती है। ज्यादातर को नहीं।

क्या किया जा सकता है

  • पेल्विक फ्लोर व्यायाम — खाँसी वाले रिसाव का पहला इलाज। सही तरीके से और कम से कम तीन महीने करने पड़ते हैं। जिन्हें फायदा नहीं होता, उनमें से ज्यादातर या तो गलत मांसपेशी दबाते हैं या जल्दी छोड़ देते हैं। सिखाकर कराया जाए तो बड़ा फर्क पड़ता है।
  • ब्लैडर ट्रेनिंग — हाजत वाले रिसाव में। टॉयलेट जाने के बीच का अंतर धीरे-धीरे बढ़ता है और मूत्राशय रुकना सीख जाता है।
  • दवाएँ — ओवरएक्टिव मूत्राशय को शांत करती हैं। मुँह सूखना और कब्ज आम हैं।
  • योनि में लगाने वाला एस्ट्रोजन — क्रीम या पेसरी, जो रजोनिवृत्ति के बाद ऊतक सुधारती है।
  • पेशाब नली के नीचे छोटी टेप — खाँसी वाले रिसाव में एक दिन का ऑपरेशन, व्यायाम को पूरा मौका देने के बाद।
  • मूत्राशय में इंजेक्शन या नस की उत्तेजना — हाजत वाले रिसाव में, जब दवा से आराम न मिले।
यूरोलॉजिस्ट को दिखाएँ अगर

नई दवा शुरू करने के बाद रिसाव अचानक शुरू हुआ हो। दर्द या पेशाब में खून हो। साथ में बार-बार यूरिन इन्फेक्शन हो। या तीन महीने के व्यायाम से कोई फर्क न पड़ा हो। इनमें आगे जाँच जरूरी है।

पेशाब लीक होने से परेशान हैं?

निजी परामर्श से पता चल जाता है कि कौन सा प्रकार है और क्या सबसे ज्यादा मदद करेगा। हो सके तो तीन दिन की ब्लैडर डायरी साथ लाएँ।

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पूरी जानकारी: पेशाब का लीक होना → · ब्लैडर डायरी और व्यायाम शीट डाउनलोड करें →

डॉ. अज़हर अनवर M.Ch. यूरोलॉजी (DMC लुधियाना) · DNB जनरल सर्जरी · यूरोलॉजिस्ट एवं एंड्रोलॉजिस्ट, वाराणसी